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- US Made GoPro Used In Kashmir Terror Attack; NIA Charge Sheet Reveals China Route
श्रीनगर7 मिनट पहले
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यह तस्वीर 22 अप्रैल 2025 की है जब पहलगाम में आतंकी हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी।
कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में नया खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक आतंकियों ने जिस गो-प्रो कैमरे का इस्तेमाल किया था। वह अमेरिका में बना था और चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा था।
हमले की जांच कर रही NIA ने 15 दिसंबर 2025 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसकी डिटेल्स अब सामने आई हैं। NIA का मानना है कि इस गो-प्रो कैमरा के जरिए आतंकियों के मददगारों का नेटवर्क पता चल सकेगा।
यह हाई-टेक कैमरा पिछले जुलाई में हमले के बाद दाचीगाम के जंगलों में हुई एक मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद किया गया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक आतंकी संगठन हमलों को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरे और एक्शन डिवाइस का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। बाद में उस फुटेज को प्रोपेगैंडा और डर फैलाने के लिए करते हैं।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बैसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था।

NIA ने अमेरिकी कंपनी गो-प्रो से पूछा, जवाब दिया- ये चीन भेजा था
इस डिवाइस का पता लगाने के लिए, NIA ने अमेरिका स्थित निर्माता कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया। अपने जवाब में, कंपनी ने पुष्टि की कि वह खास कैमरा यूनिट चीन में एक कमर्शियल डिस्ट्रीब्यूटर को भेजी गई थी।
एनआईए इस बारे में जांच कर रह है कि यह डिवाइस चीनी डिस्ट्रीब्यूटर से आतंकियों के हाथों में कैसे पहुंची। जांच अधिकारियों को शक है कि ये खरीददारी खुफिया चैनल के माध्यम से की गई। जिसमें बिचौलिए या सरकार से जुड़े लोगों शामिल हो सकते हैं।
NIA चार्जशीट में और क्या-क्या खुलासा…

टूरिस्ट गाइड परवेज और बशीर को पुलिस ने पिछले साल ही गिरफ्तार कर लिया था।
- हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था। साजिद, पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था।
- वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बैसरन वैली की लोकेशन भेजी थी। हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था।
- NIA चार्जशीट के मुताबिक टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार वक्त रहते जानकारी देते तो हमला को टाला जा सकता था। दोनों गाइड ने आतंकियों को बैसरन में देखा था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को नहीं बताया। दोनों गाइड्स गिरफ्तार हो चुके हैं।
- हमले से एक दिन पहले तीनों आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खुदा के नाम पर मदद मांग कर खाना खाया। जाते वक्त रोटी-सब्जी भी साथ ले गए थे। तीनों आतंकियों ने फायरिंग से पहले बैसरन घाटी में एक पेड़ के नीचे खाना खाया। वारदात के बाद तीनों ने धार्मिक नारे लगाते हुए हर्ष फायरिंग भी की थी।
- चार्जशीट के मुताबिक यह हमला धर्म के आधार पर टारगेटेड मर्डर का है, जिसमें 25 टूरिस्ट और एक लोकल की मौत हुई। 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया है।
पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर हो चुके
NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। इन्हीं के पास से गो-प्रो कैमरा मिला था।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की तस्वीर।
पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6-7 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं।
इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे।

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